लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में खेल क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता देते हुए ₹1,028 करोड़ का प्रावधान किया है। यह अब त...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में खेल क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता देते हुए ₹1,028 करोड़ का प्रावधान किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा खेल बजट माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करना, नई प्रतिभाओं को अवसर देना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।
सरकार की योजना के तहत प्रदेश के हर मंडल में एक नया स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके लिए अलग से बजट निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके। इसके साथ ही मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय के विस्तार और विकास के लिए भी विशेष धनराशि आवंटित की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
बजट में खेल मैदानों, स्टेडियमों और प्रशिक्षण केंद्रों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है। कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम सहित कई प्रमुख खेल परिसरों के उन्नयन की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाएं मिलने से राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन आसान होगा।
खिलाड़ियों और कोचों को लाभ
इस बजट से खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, फिटनेस और मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी। वहीं नए संस्थानों के खुलने से प्रशिक्षकों, फिटनेस विशेषज्ञों और खेल प्रबंधकों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
युवाओं के लिए नई उम्मीद
सरकार का कहना है कि खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं को सकारात्मक दिशा देना और फिटनेस संस्कृति को मजबूत करना लक्ष्य है। प्रतियोगिताओं के आयोजन और प्रतिभा खोज कार्यक्रमों से जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बजट का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल हो सकता है। यह निवेश केवल खेल सुविधाओं तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और राज्य की पहचान से भी जुड़ा हुआ है।
