लखनऊ।, प्राकृतिक विरासत को संग्रहालय की तरह संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा म...
लखनऊ।, प्राकृतिक विरासत को संग्रहालय की तरह संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्यभर के 948 पेड़ों को ‘लाइव हेरिटेज’ (Living Heritage) का दर्जा दिया है। इसका अर्थ है कि ये पेड़ अब केवल हरियाली का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की जीवित प्राकृतिक विरासत माने जाएंगे और इन्हें संग्रहालय की तरह संरक्षित किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन पेड़ों का चयन उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्ता के आधार पर किया गया है। इनमें कई ऐसे वृक्ष शामिल हैं जो सैकड़ों वर्षों पुराने हैं और स्थानीय लोककथाओं, धार्मिक आस्थाओं, सामाजिक परंपराओं तथा ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े रहे हैं।
क्या होगा ‘लाइव हेरिटेज’ का मतलब?
‘लाइव हेरिटेज’ घोषित होने के बाद इन पेड़ों को काटने या हटाने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। इनके चारों ओर संरक्षण क्षेत्र विकसित किया जाएगा, नियमित देख-रेख होगी और आवश्यकता अनुसार सूचना-पट्ट (इन्फॉर्मेशन बोर्ड) लगाए जाएंगे, ताकि लोग इनकी ऐतिहासिक व पर्यावरणीय महत्ता को समझ सकें। सरकार की योजना है कि इन पेड़ों को शैक्षिक और पर्यावरणीय जागरूकता केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाए।
पर्यावरण और जैव विविधता को लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि ये पेड़ कार्बन अवशोषण, जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और स्थानीय जैव विविधता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ‘लाइव हेरिटेज’ का दर्जा मिलने से इनके आसपास का पारिस्थितिकी तंत्र भी सुरक्षित रहेगा।
समुदाय की भागीदारी पर जोर
सरकार इस पहल में स्थानीय समुदायों, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी। लोगों को इन पेड़ों की देख-रेख से जोड़कर उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बढ़ाने की योजना है।
हरित उत्तर प्रदेश की ओर कदम
यह पहल राज्य सरकार के व्यापक हरित अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, ग्रीन चौपाल, वन महोत्सव और हरित क्षेत्र बढ़ाने के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि प्राकृतिक धरोहर का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की नींव रखेगा।
संक्षेप में, 948 पेड़ों को ‘लाइव हेरिटेज’ घोषित करना उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है, जो पर्यावरण, संस्कृति और इतिहास—तीनों को एक साथ सहेजने का प्रयास करता है।
