Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Custom Header

{fbt_classic_header}
latest

एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिका में राजनीतिक भूचाल, ट्रंप पर बढ़ा दबाव

वाशिंगटन डी.सी., 11 फरवरी 2026। कुख्यात वित्तीय कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों के नए खुलासों ने अमेरिका की राजनीति में एक बार...

वाशिंगटन डी.सी., 11 फरवरी 2026।

कुख्यात वित्तीय कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों के नए खुलासों ने अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। तथाकथित “एपस्टीन फाइल्स” के लाखों पन्नों में कई प्रभावशाली और चर्चित नामों के संदर्भ सामने आने के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। विपक्षी दल पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि ट्रंप और उनके समर्थक इन आरोपों को राजनीतिक साज़िश बता रहे हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में लाखों दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं। यह कदम कांग्रेस द्वारा पारित पारदर्शिता कानून के तहत उठाया गया। हालांकि जारी दस्तावेज़ों में कई हिस्से अब भी संपादित (रेडैक्टेड) हैं, जिससे विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाए हैं कि क्या कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों के नाम जानबूझकर छिपाए जा रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ पुराने इंटरव्यू रिकॉर्ड और संचार दस्तावेज़ों में ट्रंप का नाम भी संदर्भ के रूप में सामने आया है। हालांकि इन दस्तावेज़ों में किसी प्रत्यक्ष आपराधिक संलिप्तता का स्पष्ट प्रमाण नहीं बताया गया है, फिर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह “डेमोक्रेटिक होक्स” यानी विपक्ष द्वारा रची गई साज़िश है।

कांग्रेस के कुछ डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि बिना किसी संपादन के पूरी फाइल सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि अमेरिकी जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है। वहीं न्याय विभाग का तर्क है कि गोपनीयता, कानूनी सीमाओं और पीड़ितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ जानकारी रोकी गई है।

इस बीच, ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ सदस्य द्वारा एपस्टीन से जुड़े निजी द्वीप की पूर्व यात्रा स्वीकार करने के बाद विवाद और गहरा गया है। इस खुलासे के बाद कुछ सांसदों ने नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई है।

सार्वजनिक स्तर पर भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर पारदर्शिता की मांग तेज है, जबकि कुछ समूह इसे राजनीतिक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल दस्तावेज़ों के खुलासे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले महीनों में कानूनी और राजनीतिक जवाबदेही की बहस को और तीखा कर सकता है।

फिलहाल, अमेरिका में एपस्टीन फाइल्स को लेकर उठे सवालों ने सत्ता, प्रभाव और न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर विमर्श छेड़ दिया है। आने वाले समय में कांग्रेस की सुनवाई और संभावित कानूनी कार्रवाइयाँ इस मामले की दिशा तय करेंगी।