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लखनऊ में योग और पारंपरिक खेलों को नई दिशा: नम्रता पाठक बनीं योगासना स्पोर्ट्स फाउंडेशन की संरक्षक

लखनऊ, 11 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक खेलों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साम...

लखनऊ, 11 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक खेलों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। नववर्ष के अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आवास पर आयोजित एक विशेष समारोह में योगासना स्पोर्ट्स फाउंडेशन ऑफ उत्तर प्रदेश ने नम्रता पाठक को संस्था का संरक्षक मनोनीत किया। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण करते हुए योग और खेलों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

समारोह के दौरान फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री ने योगासन एवं भारतीय पारंपरिक खेलों के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ये खेल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पारंपरिक खेलों और योग को जन-जन तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।” साथ ही उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

यह आयोजन योगासना स्पोर्ट्स फाउंडेशन की संरक्षक ममता जिंदल के विशेष प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान संस्था की भावी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। फाउंडेशन के महासचिव डॉ. महेश लाल एवं कोषाध्यक्ष आचार्य सुरेश कुमार ने जानकारी दी कि निकट भविष्य में राज्य स्तर पर विशेष प्रशिक्षण शिविर, प्रतियोगिताओं तथा जन-जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर साक्षी रावत, आयुषी राय, पलक सिंह और सृजन यादव सहित फाउंडेशन के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। संस्था का मुख्य उद्देश्य आधुनिकता की दौड़ में उपेक्षित हो रहे पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करना तथा युवाओं को भारतीय मूल्यों, संस्कारों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना है।

उल्लेखनीय है कि योगासना स्पोर्ट्स फाउंडेशन ऑफ उत्तर प्रदेश, ट्रैडिशनल स्पोर्ट्स एंड गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से संबद्ध संस्था है, जो देशभर में भारतीय पारंपरिक खेलों के संरक्षण और विकास के लिए कार्यरत है