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दिल्ली की हवा पर कड़ी नजर: 6 नए एयर क्वालिटी मॉनिटर और ‘वायु रक्षक’ फ्लीट से प्रदूषण पर सालभर निगरानी

नई दिल्ली:  राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने एक अहम और ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार क...

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने एक अहम और ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को 6 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम और ‘वायु रक्षक’ मोबाइल फ्लीट का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य राजधानी की हवा की गुणवत्ता पर रीयल-टाइम और सालभर निगरानी रखना है, ताकि प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

दिल्ली में लगाए गए ये नए निरंतर वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग सिस्टम (CAAQMS) शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित किए गए हैं। इससे पहले जहां दिल्ली में सीमित संख्या में मॉनिटरिंग स्टेशन थे, वहीं अब इन नए स्टेशनों के जुड़ने से निगरानी नेटवर्क और मजबूत हो गया है। इन मॉनिटरों से PM2.5, PM10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ओज़ोन जैसे प्रदूषकों का डेटा लगातार मिलता रहेगा।

🚐 क्या है ‘वायु रक्षक’ फ्लीट?

इसके साथ ही शुरू की गई ‘वायु रक्षक’ फ्लीट एक मोबाइल निगरानी व्यवस्था है। ये विशेष वाहन शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर हवा की गुणवत्ता की जांच करेंगे। जहां कहीं प्रदूषण नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां संबंधित विभागों को तुरंत सूचना दी जाएगी, ताकि मौके पर कार्रवाई हो सके। यह फ्लीट निर्माण स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों, ट्रैफिक-प्रभावित इलाकों और धूल-प्रदूषण वाले क्षेत्रों पर खास नजर रखेगी।

🏛️ सरकार की मंशा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि प्रदूषण केवल सर्दियों की समस्या नहीं है, बल्कि यह सालभर चुनौती बना रहता है। इसलिए सरकार की नीति अब मौसमी नहीं, बल्कि निरंतर और डेटा-आधारित कार्रवाई पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ हवा हर नागरिक का अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए तकनीक और निगरानी दोनों को मजबूत कर रही है।

🌍 क्यों अहम है यह पहल?

दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता अक्सर “खराब” से “गंभीर” श्रेणी में दर्ज की जाती रही है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत निगरानी तंत्र के बिना प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावी नहीं हो सकते। ऐसे में नए मॉनिटरिंग सिस्टम और ‘वायु रक्षक’ फ्लीट से सरकार को सटीक आंकड़े, तेज़ निर्णय और बेहतर प्रवर्तन में मदद मिलेगी।

📌 निष्कर्ष

6 नए एयर क्वालिटी मॉनिटर और ‘वायु रक्षक’ फ्लीट की शुरुआत दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ हवा की गुणवत्ता पर पैनी नजर रखी जा सकेगी, बल्कि प्रदूषण फैलाने वालों पर समय रहते कार्रवाई भी संभव होगी। अब चुनौती यह है कि इन तकनीकी उपायों के साथ-साथ जनभागीदारी और सख़्त नियमों के पालन को भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि दिल्ली को सचमुच स्वच्छ हवा मिल सके।